जावद। देश, प्रदेश, जिला के साथ जावद में गो सम्मान आहवान अभियान के अंतर्गत गौमाता को राष्ट्रीय दर्जा मिले इसी अनुरूप को लेकर प्रार्थना पत्र दिया। जावद के गौभक्त नारायण सोमानी ने बताया है कि दिनांक 27 अप्रेल 2026 सोमवार को प्रातः 11 बजे गौरखनाथ युवा वाहिनी प्रदेश उपाध्यक्ष महेंतनाथ राजेंद्रनाथ योगी आदेश आश्रम नयागांव की उपस्थिति में ईश्वर, गोमाता, और नंदी बाबा के सानिध्य में नीमच रोड स्थित कृषि उपज मंडी से नगर एवं आसपास क्षेत्रों के महिला, पुरूष, युवाजन, मातृशक्ति सैकड़ों की संख्या में एकत्रित होकर गौमाता की जय जयकारों के बीच पैदल चलकर तहसील कार्यालय पहुंचे। जहा तहसील कार्यालय में तहसीलदार नवीन गर्ग को लिखित में प्रार्थना पत्र दिया। प्रार्थना पत्र का वाचन मोरवन गौशाला संचालक विमल जैन ने किया। आभार रुपलाल पाटीदार, अजयप्रताप सिंह राणावत ने माना। प्रार्थना पत्र देने के दौरान गौभक्त नारायण सोमानी, अजयप्रताप सिंह राणावत, रुपलाल पाटीदार, विमल जैन, अजय पाटीदार, प्रकाश सेन, श्याम सारडा, दिनेश वीरवाल जैन, पुष्कर गर्ग, पीयुष सोलीवाल, नंदकिशोर पाटीदार, ताराचंद गायरी, लोकेश नागदा, सुनील माली, कन्हैयालाल पाटीदार, सत्यनारायण धनगर, विनोद गायरी, मनोज पाटीदार, प्रभात पाल, महेश राठौर, कन्हैयालाल वीरवाल जैन, राजेंद्र राठी, भरत सोनी, कमलेश राठौर, बबलु माली, अनिल राठौर, खुशबु पाटीदार, गिरिजा पाटीदार, संजना पाटीदार, रंजना पाटीदार, गायत्री पाटीदार, चंद्रकला पाटीदार, बिना पाटीदार, दोपद्री पाटीदार, सोनिया लौहार, निर्मला पाटीदार, किरण खटिक, कृष्णा धनगर, विष्णा धनगर, धीरज पाटीदार, लविश पाटीदार, देव धनगर सहित सैकड़ों की संख्या में गौभक्त मौजूद थे। एक फोन पर गौमाता की सेवा करने वाले गौभक्त नारायण सोमानी ने बताया है कि दिनांक 27 अप्रेल 2026 सोमवार को प्रातः 11 बजे गो सम्मान आहवान अभियान के तहत जावद सहित पूरे भारत देश में पांच हजार से अधिक तहसीलों में एक साथ एक समय में तहसीलदार, ब्लाक अधिकारी, अनुमंडल अधिकारी, एसडीएम, जिला कलेक्टर सहित संबंधित अधिकारियों के माध्यम से माननीय राष्ट्रपति महोदया, प्रधानमंत्री, महामहिम राज्यपाल, मुख्यमंत्री महोदय के नाम गो सेवा, गो सुरक्षा, गो सम्मान के तहत गो माता को उचित अनुसंधान और अनुदान मिले, भारत से गो हत्या पूरी तरह समाप्त हो, गो माता को राष्ट्रमाता, राष्ट्रदेव, राष्ट्र आराध्या, राष्ट्र धरोहर, राष्ट्र आधार घोषित करके मौलिक अधिकार प्रदान करने के लिए प्रार्थना पत्र दिया गया।