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फारबिसगंज। स्थानीय तेरापंथ भवन में तेरापंथ महिला मंडल द्वारा आयोजित होने वाले ‘श्री उत्सव’ की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। कार्यक्रम का शुभारंभ आज प्रातः मुख्य पार्षद वीणा देवी एवं उप मुख्य पार्षद नूतन भारती के करकमलों से होगा। उद्घाटन समारोह में क्षेत्र की कई जानी-मानी हस्तियों की भी गरिमामयी उपस्थिति रहेगी। तेरापंथ महिला मंडल का ‘श्री उत्सव’ संगठन का प्रमुख वार्षिक प्रकल्प है, जिसका मुख्य उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भरता की ओर प्रेरित करना तथा घरेलू स्तर पर कार्य कर रही महिला उद्यमियों को अपनी प्रतिभा और उत्पादों को प्रदर्शित करने के लिए एक सशक्त मंच उपलब्ध कराना है। यह कार्यक्रम प्रत्येक वर्ष अखिल भारतीय तेरापंथ महिला मंडल के निर्देशन में देशभर की शाखाओं द्वारा आयोजित किया जाता है। कार्यक्रम में विभिन्न प्रकार के शॉपिंग स्टॉल, स्वादिष्ट व्यंजनों के फूड स्टॉल एवं मनोरंजक गेम्स स्टॉल लगाए गए हैं। फारबिसगंज की अनेक महिला उद्यमियों ने इसमें अपने स्टॉल लगाए हैं और आकर्षक ढंग से उनकी सजावट की है। इस वर्ष 15 जून से 15 जुलाई के बीच पूरे देश में आयोजित हो रहे श्री उत्सव की विशेष थीम राजस्थानी संस्कृति रखी गई है। इसी के अनुरूप पूरे तेरापंथ भवन को राजस्थानी शैली में सजाया गया है। पारंपरिक सजावट, लोक संस्कृति और राजस्थानी वातावरण कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रहेगा। कार्यक्रम की तैयारियों में स्थानीय तेरापंथ महिला मंडल, कन्या मंडल एवं तेरापंथ समाज की विभिन्न संस्थाओं ने मिलकर सक्रिय भूमिका निभाई है। कार्यक्रम में प्रवेश पूर्णतः निःशुल्क है तथा यह सभी समाज और सभी वर्गों के लोगों के लिए खुला रहेगा। आयोजकों ने आगंतुकों के मनोरंजन एवं सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा है और बड़ी संख्या में लोगों की उपस्थिति की उम्मीद जताई है। कार्यक्रम की संयोजिकाओं अंजू बैद, सुशीला दफ्तरी, सारिका बैद, सोनू पटावरी, बबीता डागा एवं ममता डागा ने आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। तेरापंथ महिला मंडल की अध्यक्ष समता दुगड़ ने बताया कि ‘श्री उत्सव’ महिलाओं के आर्थिक एवं सामाजिक सशक्तिकरण का एक महत्वपूर्ण प्रकल्प है। महिला मंडल द्वारा संचालित चार प्रमुख योजनाओं में शामिल इस कार्यक्रम के माध्यम से महिला उद्यमियों तथा नया व्यवसाय शुरू करने की इच्छुक बहनों को एक ऐसा मंच मिलता है, जहां वे अपनी प्रतिभा, उत्पाद और कार्य को समाज के समक्ष प्रस्तुत कर आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ सकें।