अठाना के समीप ग्राम हनुमंतिया में धाकड़ (औरा) परिवार द्वारा आयोजित श्रीमद् भागवत ज्ञान गंगा महोत्सव के छठे दिवस पर परम पूज्य स्वामी राष्ट्रीय संत सत्यानंद जी सरस्वती ने भगवान की बाल लीलाएँ सुनाईं। उन्होंने 'नटवर नागर नंदा, भजो रे मन गोविंदा' की गूंज के साथ भगवान की दिव्यता और प्रेम की महिमा को समझाया। कथा प्रवक्ता श्रद्धेय परम पूज्य स्वामी राष्ट्रीय संत सत्यानंद जी सरस्वती PHD दर्शन शास्त्र (सत्यानंद आश्रम सुखानंद तीर्थ) ने भगवान की बाल लीलाओं का वर्णन किया, जिसमें उनकी गोकुल में नंद और यशोदा के साथ की गई लीलाएँ, उनकी मित्रों के साथ खेलने की लीलाएँ, और उनकी माता यशोदा के साथ की गई लीलाएँ शामिल थीं। इस अवसर पर आसपास के समाजसेवी जनप्रतिनिधि ने उपस्थित होकर भगवान की बाल लीलाओं को सुनकर अपनी श्रद्धा और भक्ति को प्रकट किया। महोत्सव में उपस्थित लोगों ने भगवान की बाल लीलाओं का आनंद लिया और उनकी दिव्यता और प्रेम की महिमा को समझा। इसके पश्चात महा आरती और प्रसाद वितरण किया गया, जिसमें सभी उपस्थित लोगों ने भाग लिया और भगवान की कृपा का अनुभव किया।