अठाना। राजस्थान-मध्य प्रदेश सीमा पर स्थित हनुमानतीया में पंडित सत्यानंद सरस्वती के मुखारविंद से श्रीमद् भागवत कथा का ज्ञान गंगा प्रवाहित हो रही है। कथा में उपस्थित श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए व्यास जी ने कहा कि अहकारी व्यक्ति को प्रभु की भक्ति सत्संग कभी भी प्राप्त नहीं हो सकता। अगर कोई व्यक्ति अहंकार में है तो समझ लेना उसके पतन का समय शुरू हो चुका है अहंकारी व्यक्ति रूपी पत्थर को तो आनंद के शीतल करना बंद हो जाता है। इस दौरान कहा कि अहंकार रूपी चंदन हटाओ तभी जीवन में आनंद आएगा। रावण और कंस को अपनी शक्ति का अभिमान हो गया। कथा का संदेश यही है कि रावण और कंस जैसे व्यक्तियों का अहंकार ही उनके पतन का कारण बनता है। व्यास जी ने कहा कि अहंकार ही हरेक संताप का आधार है। अहंकार से बुरा और कोई अभिमानी व्यक्ति को श्रेष्ठ दिखाना और सही मुनष्य को छोटा दिखाना है। अभिमान से भरा व्यक्ति अपने अभिमान के लिए रावण और कंस के समान अपने जीवन के लिए कुछ भी कर सकता है। जब जब धरती पर अनीति बढ़ती है तब तब धरती पर सन्त आते हैं। विवाह में झूमे श्रद्धालु- श्रीमद् भागवत ज्ञान गंगा महोत्सव के दौरान जैसे श्रीकृष्ण-रुक्मणी विवाह का प्रसंग आया पंडाल जय जय गुंजायमान हो गया। सभी करतल ध्वनि से श्रीकृष्ण की आगवानी की। श्रद्धालुओं द्वारा भजनो पर भक्ति नृत्य किया। श्रीमद् भागवत ज्ञान गंगा कथा सुनने बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे मिले। आगे आए। जेतायुंग से रावण का पाप बढ़ा तो विष्णुमति प्रवचन में राजस्थान के विधायक कंस का पाप बढ़ा तो व्यास जी आगे आए। श्रद्धालुओं द्वारा भजनो पर भक्ति नृत्य किया। श्रीमद् भागवत ज्ञान गंगा महोत्सव के अंतिम दिन बुधवार को सुदामा चारित, डाव पार्षद श्रीचंद कृष्णानी, जिला प्रमुख ओमकार सिंह अग्रवाल, महंत लालनाथ ओमकार राठौड़, हरिदास महाराज, सुदामा रमेश नागदा आदि ने व्यास पीठ पर पहुंचकर पोथी पूजन कर स्वयं सत्संग को समेट कर आशीर्वाद लिया। कथा का रसपान आज होगी कथा की पूर्णाहुति श्रीमद् भागवत ज्ञान गंगा महोत्सव के अंतिम दिन बुधवार को सुदामा चरित, डाव पार्षद श्रीचंद कृष्णानी, जिला प्रमुख ओमकार सिंह अग्रवाल, महंत लालनाथ ओमकार राठौड़, हरिदास महाराज, सुदामा रमेश नागदा आदि ने व्यास पीठ पर पहुंचकर पोथी पूजन कर स्वयं सत्संग को समेट कर आशीर्वाद लिया। कथा का रसपान हवन पूजन एवं आरती के पश्चात प्रसाद वितरण साथ साप्ताहिक ज्ञान गंगा कथा का विश्राम होगा।