फारबिसगंज । बिहार प्रांतीय मारवाड़ी युवा मंच द्वारा आयोजित BPMYM स्पोर्ट्स कार्निवाल सीजन–1 अपने चरम पर पहुँच चुका है। चौथे दिन खेले गए मुकाबलों ने दर्शकों को रोमांच, रोमक और क्रिकेट के हर रंग से भर दिया। मैदान पर चौके-छक्कों की बरसात, गेंदबाज़ों की धारदार गेंदबाज़ी और खिलाड़ियों का अद्भुत जज़्बा देखने लायक रहा। पूरे दिन खेले गए तीन मुकाबलों ने न सिर्फ प्रतियोगिता को और दिलचस्प बना दिया, बल्कि सेमीफाइनल की तस्वीर भी पूरी तरह साफ कर दी। पहला मुकाबला फारबिसगंज ने मुज़फ्फरपुर को 6 विकेट से हराकर दिखाई ताक़त दिन का पहला और सबसे रोमांचक मुकाबला मुज़फ्फरपुर और फारबिसगंज की टीमों के बीच खेला गया। टॉस जीतकर फारबिसगंज ने पहले गेंदबाज़ी करने का फैसला लिया। मुज़फ्फरपुर की टीम ने निर्धारित 12 ओवर में 6 विकेट के नुकसान पर 152 रन का चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा किया। लक्ष्य का पीछा करने उतरी फारबिसगंज की टीम ने शानदार संयम और आक्रामक बल्लेबाज़ी का प्रदर्शन करते हुए 11 ओवर 3 गेंद में 4 विकेट खोकर 153 रन बनाते हुए मुकाबला 6 विकेट से अपने नाम कर लिया। फारबिसगंज की जीत के हीरो रहे रोहन धनावत, जिन्होंने विस्फोटक बल्लेबाज़ी करते हुए मात्र 34 गेंदों में 95 रन ठोक डाले। उनकी पारी में 7 चौके और 9 गगनचुंबी छक्के शामिल रहे।ऑलराउंडर विकाश खेमानी ने गेंद और बल्ले दोनों से कमाल दिखाया। उन्होंने 3 ओवर में 35 रन देकर 2 विकेट लिए, वहीं बल्लेबाज़ी में 20 गेंदों पर 36 रन (4 चौके, 2 छक्के) बनाए। विनीत खेमानी ने कसी हुई गेंदबाज़ी करते हुए 1 ओवर में 22 रन देकर 2 अहम विकेट झटके। शानदार प्रदर्शन के लिए रोहन धनावत को मैन ऑफ द मैच घोषित किया गया। उन्हें यह ट्रॉफी पाठशाला स्कूल की चेयरमैन संगीता गोयल एवं मारवाड़ी युवा मंच संस्कृति शाखा की अध्यक्ष मनीषा माहेश्वरी ने प्रदान की। इस अवसर पर बजाज ग्रुप के विजय प्रकाश विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने खिलाड़ियों से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात कर उनका हौसला बढ़ाया और कहा कि ऐसे आयोजन युवाओं में खेल भावना, अनुशासन और नेतृत्व क्षमता को बढ़ाते हैं। दूसरे मुकाबले में भगलपुर और दरभंगा की टीमें आमने-सामने थीं। टॉस जीतकर भगलपुर ने पहले गेंदबाज़ी करने का निर्णय लिया। दरभंगा की टीम दबाव में नजर आई और 12 ओवर में 8 विकेट खोकर 101 रन ही बना सकी। जवाब में भगलपुर की टीम ने आक्रामक अंदाज़ में खेलते हुए 5 ओवर 3 गेंद में केवल 2 विकेट खोकर 102 रन बनाते हुए मुकाबला 8 विकेट से जीत लिया। इस मैच के मैन ऑफ द मैच हर्षित केडिया रहे। उन्हें ट्रॉफी बिहार प्रांतीय अध्यक्ष अश्विनी खटोड़ एवं खेलकूद संयोजक निशांत गोयल ने प्रदान की। दिन का तीसरा मुकाबला किशनगंज और कटिहार के बीच खेला गया। टॉस जीतकर कटिहार ने पहले गेंदबाज़ी करने का फैसला लिया, लेकिन यह फैसला उनके लिए भारी पड़ गया। किशनगंज की टीम ने आक्रामक बल्लेबाज़ी करते हुए 12 ओवर में 3 विकेट के नुकसान पर 187 रन का विशाल स्कोर खड़ा कर दिया। लक्ष्य का पीछा करने उतरी कटिहार की टीम 12 ओवर में 7 विकेट खोकर 99 रन ही बना सकी। इस तरह किशनगंज ने यह मुकाबला 89 रनों के बड़े अंतर से जीत लिया। चौथे दिन के मैचों का विशेष आकर्षण रहे कोलकाता से पधारे “वाह ज़िंदगी” के संपादक श्री ललित सरावगी। उन्होंने मंच से अपने संघर्ष और सफलता की कहानी साझा करते हुए बताया कि मात्र 3 लोगों की टीम के साथ 28 अगस्त 2011 को शुरू की गई “वाह ज़िंदगी” आज 2500 से अधिक शॉर्ट फ़िल्मों का निर्माण कर चुकी है और 4 विश्व रिकॉर्ड अपने नाम कर चुकी है। उन्होंने मैन ऑफ द मैच दिवंश को अपने हाथों से ट्रॉफी प्रदान की और खिलाड़ियों को सपनों के पीछे पूरी ईमानदारी और मेहनत से लगे रहने का संदेश दिया। चौथे दिन के मुकाबलों के बाद मुज़फ्फरपुर, फारबिसगंज, भगलपुर और किशनगंज की टीमें सेमीफाइनल में पहुँच चुकी हैं। कल सेमीफाइनल मुकाबले खेले जाएंगे, जिनको लेकर खिलाड़ियों के साथ-साथ दर्शकों में भी भारी उत्साह देखने को मिल रहा है। मैचों के दौरान फिजियोथेरेपिस्ट मुकेश कुमार खिलाड़ियों की फिटनेस का ध्यान रखते नजर आए,वहीं कॉमेंटेटर सोनू ने अपनी शानदार कमेंट्री से मैच का रोमांच दोगुना कर दिया। दर्शकों की ओर से खिलाड़ियों पर इनामों की खूब बौछार हुई, जिससे पूरे मैदान में उत्सव जैसा माहौल बना रहा।