फारबिसगंज। स्थानीय शिशु भारती विद्यालय के समीप स्थित राम प्रकाश प्रसाद के निज निवास पर आयोजित आठ दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन मंगलवार, 03 फरवरी को श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। कथा स्थल पर सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी और पूरा वातावरण “हरि नाम” के संकीर्तन से भक्तिमय हो उठा। कथा के तीसरे दिन आचार्य श्री नारायण शर्मा द्वारा भरत आख्यान, भावटवी प्रसंग, अजामिल उपाख्यान, वृत्रासुर की भगवत भक्ति तथा भगवान नरसिंह अवतार का अत्यंत भावपूर्ण एवं सारगर्भित वर्णन किया गया। आचार्य ने बताया कि सच्ची भक्ति जाति, कुल या कर्म नहीं देखती, बल्कि शरणागत भाव को स्वीकार करती है। अजामिल उपाख्यान के माध्यम से उन्होंने यह संदेश दिया कि जीवन में एक बार भी प्रभु का स्मरण मनुष्य को मोक्ष की ओर ले जा सकता है। नरसिंह अवतार प्रसंग के दौरान जैसे ही भक्त प्रह्लाद की अटूट भक्ति और भगवान की करुणा का वर्णन हुआ, श्रोता भावुक हो उठे। कई श्रद्धालुओं की आंखें नम हो गईं और “नरसिंह भगवान की जय” के जयघोष से पूरा पंडाल गूंज उठा। सभी श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद वितरण की व्यवस्था की गई। कथा श्रवण हेतु बड़ी संख्या में नगर के गणमान्य नागरिक एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे, जिनमें प्रमुख रूप से राम प्रकाश प्रसाद धैर्य आनंद, मनीष दास, वर्णिका दास, अमरजीत कुमार, विजय प्रकाश, मनीषा प्रकाश, विजय कुमार, गणेश दास, अरविंद दास, दिनेश दास, पियूष कुमार, मोती लाल शर्मा, आनंद प्रकाश, मनोज दास, राजू पण्डिय, अनमोल कुमार, अमृत कुमार, कर्नल दास, शिव फिटकरिवाल, गौरव मरोठी, पूनम पण्डिय, मनोज गोयल, हीर्देये भगत, धनश्याम अग्रवाल, विजय लखोटिया, राजीव रमन भास्कर, गौरव मरोठी,आज़ाद शत्रु अग्रवाल, श्याम अग्रवाल, महेंद्र मरोठी, राम गोपाल गोयल, राम निवास गोयल, युगेश अग्रवाल, पंकज समदरिया, सीए दीपक अग्रवाल, दीपक केजरीवाल, सजन कुमार गुप्ता, अलका अग्रवाल, सुनीता गोयल, शिवानी दास, प्रीति प्रभा, प्रभा प्रसाद, आरती देवी, मीनू कुमारी, निशा देवी, बेबी कुमारी, पूजा कुमारी, गीता देवी, नूतन दास, कुमुद शर्मा, सुनीता लढ़ा, कुसुम शर्मा, प्रभा सेठिया, लक्ष्मी गौतम, स्नेहलता गौतम, दीपा अग्रवाल, मनोरमा अग्रवाल, रेशमी अग्रवाल, बिमल देवी गुप्ता, प्रीति गुप्ता, नीतू केडिया सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे। आयोजकों ने बताया कि श्रीमद्भागवत कथा आगामी दिनों में और भी रोचक एवं आध्यात्मिक प्रसंगों के साथ जारी रहेगी। कथा स्थल पर शांति, अनुशासन और भक्ति भाव का वातावरण बना हुआ है, जिससे क्षेत्र का पूरा माहौल आध्यात्मिक ऊर्जा से ओत-प्रोत हो गया है।