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यश नगर जाट (नीमच): क्षेत्र के समीपस्थ ग्राम यश नगर जाट में आध्यात्म की अविरल धारा प्रवाहित होना शुरू हो गई है। यहाँ आयोजित श्रीमद् भागवत ज्ञान यज्ञ के प्रथम दिवस पर विशाल कलश यात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में मातृशक्ति और श्रद्धालु सम्मिलित हुए। मुंगाना धाम के सानिध्य में अमृतवाणी कथा के प्रथम दिन व्यासपीठ पर विराजमान मुंगाना धाम के ब्रह्मलीन महंत श्री चेतन दास जी महाराज के सुयोग्य शिष्य, ओजस्वी प्रवक्ता पंडित श्री मधुसूदन जी नागदा (तुंबा वाले) का भव्य स्वागत किया गया। मुंगाना धाम की गुरु परंपरा का निर्वहन करते हुए पंडित मधुसूदन जी ने मंगलचरण के साथ कथा का श्रीगणेश किया। भक्तिमय कलश यात्रा से गुंजायमान हुआ नगर कथा के शुभारंभ से पूर्व गांव के प्रमुख मार्गों से भव्य कलश यात्रा निकाली गई। बैंड-बाजों और ढोल-धमाकों के साथ निकली इस यात्रा में महिलाएं सिर पर कलश धारण कर मंगल गीत गाती चल रही थीं। पुष्प वर्षा के साथ ग्रामीणों ने जगह-जगह कथा व्यास और भागवत पोथी का पूजन किया। पूरा वातावरण 'जय श्री कृष्ण' और 'गुरुदेव' के जयकारों से गुंजायमान हो उठा। प्रथम दिवस का संदेश: "भागवत ही साक्षात कृष्ण रूप है" व्यासपीठ से कथावाचक पंडित मधुसूदन जी नागदा ने भागवत महात्म्य का वर्णन करते हुए कहा कि श्रीमद् भागवत साक्षात भगवान श्री कृष्ण का वांग्मय स्वरूप है। उन्होंने कहा, "मेरे गुरुदेव ब्रह्मलीन चेतन दास जी महाराज ने सदैव भक्ति और सेवा का मार्ग दिखाया है, उसी मार्ग पर चलते हुए हमें इस कथा के माध्यम से अपने जीवन को कृतार्थ करना है।" उन्होंने बताया कि यह कथा केवल श्रवण मात्र के लिए नहीं, बल्कि जीवन में उतारने के लिए है। श्रद्धालुओं की भारी उपस्थिति कथा के पहले ही दिन यश नगर जाट सहित आसपास के क्षेत्रों से भारी संख्या में श्रद्धालु, मुंगाना धाम के अनुयायी और धर्मप्रेमी पहुंचे। आयोजन समिति ने बताया कि आगामी दिनों में भगवान के विभिन्न अवतारों और कृष्ण लीलाओं का वर्णन पंडित मधुसूदन जी द्वारा किया जाएगा।