फारबिसगंज। सीमावर्ती क्षेत्र में इन दिनों आस्था का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है। खाटू धाम से चलकर आ रहा भगवान श्री श्याम का पावन 'शीश' जैसे ही श्री 1008 लक्ष्मी नारायण मारवाड़ी ठाकुर बारी फारबिसगंज पहुँचा, समूचा शहर श्याममयी हो गया। बाबा के दर्शन के लिए भक्तों की ऐसी अपार भीड़ उमड़ी कि पैर रखने तक की जगह नहीं बची। स्थानीय श्री लक्ष्मी नारायण मारवाड़ी ठाकुरबाड़ी में शीश के पहुँचते ही भक्तों का उत्साह चरम पर दिखा। ढोल-नगाड़ों, पुष्प वर्षा और "हारे का सहारा, बाबा श्याम हमारा" के गगनभेदी जयकारों के साथ बाबा का भव्य स्वागत किया गया। मंदिर प्रांगण में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा, जहाँ हर कोई बाबा की एक झलक पाने को लालायित दिखा। ठाकुरबाड़ी परिसर में पवन शर्मा, पवन अग्रवाल एवं अन्य वरिष्ठ श्रद्धालुओं ने बाबा के शीश की विशेष पूजा-अर्चना की। श्रद्धालुओं का अटूट विश्वास है कि बाबा के शीश के कदम पड़ने से फारबिसगंज की धरा धन्य और पवित्र हो गई है। गौरतलब है कि गुरुवार को बाबा का शीश राम गोपाल गोयल के निवास पर विश्राम के लिए रुका था, जहाँ से आज यह फारबिसगंज पहुँचा। यहाँ विधि-विधान से पूजन के बाद शीश को जोगबनी के लिए रवाना किया गया। जोगबनी में उत्सव का आगाज जोगबनी में नवनिर्मित श्री श्याम मंदिर में बाबा की प्राण-प्रतिष्ठा आगामी 5 फरवरी को होनी है। वहाँ 30 जनवरी से 5 फरवरी तक कार्यक्रम होगा। सीमावर्ती क्षेत्र के मारवाड़ी समाज और श्याम भक्तों में भारी जोश है। उत्सव को ऐतिहासिक बनाने के लिए भव्य स्तर पर तैयारियाँ अंतिम चरण में हैं। "श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन और वालंटियर्स व्यवस्था संभालने में जुटे रहे। जोगबनी में होने वाले इस महा-उत्सव को लेकर पूरे क्षेत्र में दीपावली जैसा माहौल है।" भक्तो की खुशी साफ देखी जा सकती है।