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जावद। समीप ग्राम खोर में व्यासपीठ पर विराजित मालवा मेवाड की सुप्रसिद्ध भागवत प्रवक्ता सुश्री जयमाला वैष्णव दीदी के मुखारविंद से तीन दिवसीय नानी बाई रो मायरो की पौराणिक कथा का एतिहासिक तौर पर समापन हुआ। हिंदूवादी नेता नारायण सोमानी ने व्यासपीठ पर जाकर जयमाला वैष्णव दीदी का स्वागत सम्मान करके आशीर्वाद लिया। कथा के दौरान प्रवक्ता सुश्री जयमाला वैष्णव दीदी ने कहा नानी बाई के ससुराल पक्ष ने सवा 25 मन सुपारी, सवा 25 मन रौली, 80 हजार सोने की मोहरे, 1 करोड़ रुपए रोकड़ व 2 सोने की ईंट सहित विभिन्न सामग्री मायरा पत्रिका की लिस्ट में मांगी थीं, इस लिस्ट को देखकर नरसी मेहता बैचेन हुए फिर भी हिम्मत नही हारी क्योंकि उन्हें अपने श्रीकृष्ण भगवान पर पूरा अटूट विश्वास था, जैसे तैसे नरसी अपनी टूटी फुटी बैलगाडी में अपनी भजन मंडली के साथ मायरा भरने गए, स्वयं भगवान श्रीकृष्ण अपने भक्त की गाड़ी पार करने के लिए कारीगर बनकर गाड़ी सुधारी साथ ही 56 करोड़ का भात भरा जो कि नानी बाई के ससुराल पक्ष से आई मायरा पत्रिका से 4 गुणा बड़ा था। कथा में ढोल ढमाको के साथ भगवान श्रीकृष्ण गौमाता के छोटे बछड़े एवं लाव लश्कर के साथ मायरा का भात भरने की जिविंत झांकी बताई गई।झांकी के दौरान नानीबाई किर्ती लौहार, कृष्ण वर्षा दायमा, सखी पिंकी लौहार, गोपी गुंजन मालवी, रोणक दमामी, बजरंग बली रोहित प्रजापत, बंदर मनीष मेघवाल, दक्ष मेघवाल, मांगीलाल तेली पात्र बने जो आकर्षण का केंद्र बिंदु रहे। किरण सोमानी सहित गौभक्तों ने गौमाता के छोटे बछड़े की पूजा अर्चना करके अपने आपको धन्य किया। मीडिया का अच्छा करवेज करने पर नारायण सोमानी का केसरिया दुपट्टा ओढाकर स्वागत सम्मान किया गया। भजनों की थाप पर पांडाल भक्तिभाव से झूम उठा। महाआरती करके प्रसाद वितरित किया गया। समिति के सदस्यों ने मुख्य अतिथियों का स्वागत सम्मान किया। इस मौके पर भाजपा नेता नारायण सोमानी, जनपद प्रतिनिधि प्रकाश मेघवाल, समाजसेवी अंकित जाट, कन्हैयालाल वीरवाल जैन, सरपंच बलराम जाट, गौतम सुथार, उदयलाल लौहार, बालुराम कुमावत, पुष्कर नागदा, गोविंद धाकड, काना धाकड, मनीष धाकड, किरण सोमानी, सोनिया लौहार, गुड्डीबाई नाथ, किरण दायमा सहित आसपास क्षेत्रों के महिला, पुरूष, गौभक्त मौजूद थे। संचालन सुरेशकुमार पांडिया ने किया। आभार गोरजा माता महिला मंडल ने माना।