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फारबिसगंज शहर की ऐतिहासिक एवं सामाजिक धरोहरों के संरक्षण और विकास को लेकर “फारबिसगंज धरोहर जीर्णोद्धार समिति” की एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन स्थानीय बालाजी होटल में किया गया। बैठक का मार्गदर्शन “वाह जिंदगी” के संस्थापक ललित सरावगी ने किया, जबकि संचालन पवन अग्रवाल द्वारा किया गया। बैठक में शहर के विभिन्न ऐतिहासिक स्थलों, सामाजिक परिसरों एवं सार्वजनिक सुविधाओं के विकास को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। सदस्यों ने अपने-अपने सुझाव रखते हुए शहर को एक नई पहचान दिलाने के संकल्प को दोहराया। बैठक का मुख्य विषय श्मशान घाट के जीर्णोद्धार को लेकर रहा। इस दौरान पुरानी समिति के पुनः सक्रिय होने पर सभी सदस्यों ने प्रसन्नता व्यक्त की तथा हर संभव सहयोग देने का आश्वासन दिया। वक्ताओं ने कहा कि शहर की मूलभूत सुविधाओं के साथ-साथ उसकी सांस्कृतिक एवं सामाजिक धरोहरों का संरक्षण भी अत्यंत आवश्यक है। सुल्तान पोखर के सौंदर्यीकरण को लेकर भी गंभीर चर्चा हुई। वार्ड पार्षद सह उप मुख्य पार्षद प्रतिनिधि बुलबुल यादव ने जानकारी दी कि इसके लिए विस्तृत रोडमैप तैयार किया जा रहा है तथा संबंधित जमीन मालिक द्वारा भी सौंदर्यीकरण कार्य के लिए सहमति प्रदान कर दी गई है। सदस्यों ने उम्मीद जताई कि यह स्थल आने वाले समय में शहर की सुंदरता और पहचान का प्रमुख केंद्र बनेगा। बैठक में रेणु सार्वजनिक पुस्तकालय के जीर्णोद्धार एवं आधुनिकीकरण को लेकर सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया। इसके लिए 11 सदस्यीय समिति का गठन किया गया, जिसमें अनिल अग्रवाल को संयोजक तथा पियूष अग्रवाल एवं गोपाल अग्रवाल को सह-संयोजक बनाया गया। यह समिति अनुमंडल पदाधिकारी फारबिसगंज से मिलकर पुस्तकालय के पुनर्विकास हेतु विस्तृत परियोजना रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। इसके अतिरिक्त सांवलिया कुंज मंदिर के समीप आमजन की सुविधा हेतु एक प्याऊ लगाने का प्रस्ताव भी पारित किया गया। यह प्याऊ ललित सरावगी द्वारा स्थापित किया जाएगा, जबकि इसकी देखरेख लायंस क्लब फारबिसगंज द्वारा की जाएगी। बैठक के दौरान राजकुमार लड्डा एवं इंजीनियर आयुष अग्रवाल को फारबिसगंज धरोहर जीर्णोद्धार समिति का प्रवक्ता मनोनीत किया गया। इस अवसर पर बिनोद सरावगी, जितेंद्र मारोठी, विजय गोयल, ललित केडिया, आचार्य नरेंद्र शर्मा, सुमित अग्रवाल, अजातशत्रु अग्रवाल, अभय झाबक, पवन सोमानी, हरि भगत, बिनोद अग्रवाल, तमाल सेन, उज्ज्वल चौधरी, मदन पंडिया, अमित शर्मा, प्रमोद निरंजन, श्याम महेश्वरी, गौरव जैन, विजय प्रकाश, हेमंत सिखवाल, जयकुमार अग्रवाल सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। बैठक में शहर की धरोहरों के संरक्षण, सौंदर्यीकरण एवं आधुनिक विकास को लेकर सामूहिक प्रतिबद्धता स्पष्ट रूप से देखने को मिली। समिति के सदस्यों ने विश्वास व्यक्त किया कि यह पहल आने वाले समय में फारबिसगंज को नई पहचान और नई दिशा देने का कार्य करेगी।