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नीमच। नीमच जिले के विभिन्न प्राथमिक एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में कार्यरत मल्टी टास्किंग स्टाफ (MTS) कर्मचारियों को पिछले 4 महीनों से वेतन न मिलने के कारण गंभीर आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। इस संबंध में सोमवार, 3 अगस्त 2026 को सीटू के नेतृत्व में समस्त एमटीएस कर्मचारियों ने जिला कलेक्टर और संचालक स्वास्थ्य सेवाएं (भोपाल) के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन सौंपने के दौरान कलेक्टर हिमांशु चंद्रा ने कर्मचारियों से मुलाकात की और 2 से 3 दिन के भीतर सैलरी आने का आश्वासन दिया। कर्मचारियों ने जानकारी दी है कि उनकी नियुक्ति 24 जनवरी 2026 को जिला चिकित्सालय समेत पूरे जिले के विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों में एमटीएस (MTS) के पद पर हुई थी। कार्यभार संभालने के बाद से लेकर अब तक पूरे जिले के कर्मचारियों को मात्र 2 महीने का ही वेतन प्राप्त हुआ है, जबकि बाकी महीनों का वेतन आज दिनांक तक बकाया है। आर्थिक तंगी और मानसिक प्रताड़ना के दौर से गुजर रहे परिवार -कर्मचारियों का कहना है कि लंबी अवधि से वेतन न मिलने के कारण उनके सामने परिवार के भरण-पोषण, बच्चों की पढ़ाई और दैनिक खर्चों को चलाने का गहरा संकट खड़ा हो गया है। इस वजह से उन्हें भारी मानसिक और आर्थिक प्रताड़ना झेलनी पड़ रही है। शासन-प्रशासन के आश्वासन के बावजूद नहीं मिला वेतन पीड़ित कर्मचारियों ने बताया कि इस गंभीर समस्या को लेकर स्थानीय स्तर पर संबंधित प्रभारियों और स्वास्थ्य विभाग को कई बार अवगत कराया जा चुका है, लेकिन वेतन भुगतान को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। गत 13 जुलाई 2026 को मुख्य स्वास्थ्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा यह बताया गया था कि बजट आ चुका है, इसके बावजूद 3 अगस्त तक खाते में वेतन नहीं पहुंचा है। बकाया वेतन का भुगतान-जिले के समस्त एमटीएस कर्मचारियों की विकट स्थिति को देखते हुए रुकी हुई सैलरी का जल्द से जल्द भुगतान कराया जाए। नियमित वेतन व्यवस्था - कर्मचारियों को हर माह की 10 तारीख तक नियमित रूप से वेतन देने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। सब-कॉन्ट्रैक्ट प्रथा समाप्त हो - आउटसोर्स कंपनियों के बीच चल रही सब-कॉन्ट्रैक्ट की व्यवस्था को पूरी तरह समाप्त किया जाए। अन्य मांग: - इसके साथ ही पत्र में मंदसौर में निकाले गए 136 एमटीएस कर्मचारियों को भी वापस लिए जाने की मांग उठाई गई है। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी इन मांगों का जल्द निराकरण नहीं किया गया, तो उन्हें मजबूरन आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ेगा, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। सैकड़ों कर्मचारी रहे मौजूद -सीटू के नेतृत्व में दिए गए इस ज्ञापन के दौरान शैलेंद्र सिंह ठाकुर, बालकिशन खेर, अनीता सेन, लखन मेघवाल, नवीन मालवीय, मधु कुंवर, मनीष मालवीय, विक्रम धनगर, सूरज धाकड़, सुरेंद्र सिंह, सपना धाकड़, दिलीप पाटीदार, गौरव माली और मेहरून मंसूरी सहित सैकड़ों एमटीएस कर्मचारी उपस्थित थे।